100 दिनों की सबसे बड़ी उपलब्धि , हमारा आत्मविश्वास लौट आया !

Sudhanshu Mittalपिछले कुछ दिनों से मीडिया में ही नहीं बल्कि आम जनता में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही एनडीए सरकार के 100 दिनों को पूरा करने पर उसकी उपलब्धियों और चुनौतियों को लेकर चर्चा चल रही है।

यह ठीक है कि किसी भी सरकार का आकलन करने के लिए 100 दिन का समय बहुत ही कम है। पर फिर भी अगर यह आकलन किया जा रहा है तो इस का कारण शायद यह है कि आम जनता को श्री मोदी की कार्य क्षमता पर इतना ज्यादा भरोसा है कि उन्हें लगता है कि बहुत कम समय में भी उनकी सरकार बहुत लंबा सफर तय करने में सक्षम है। ऐसा विश्वास जननायकों में ही जताया जाता है।

जो भी सर्वेक्षण इस सरकार के काम काज को लेकर हुए हैं उनसे यह भी स्पष्ट हुआ है कि जनता की आकांक्षाओं की कसौटी पर यह सरकार खरी उतरने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। यही कारण है कि सभी सर्वेक्षणों में आम जनता ने इस सरकार के कामकाज पर खुशी जाहिर कीते हुए पहले से भी ज्यादा भरोसा जाहिर किया है।

भारतीय जनमानस राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत परिपक्व है और उसे यह समझ में आ रहा है कि देश की दशा और दिशा में परिवर्तन के लिए व्यवस्थागत ढांचे में ही आमूलचूल परिवर्तन करने की जरूरत है। इस परिवर्तन को करना आसान नहीं है क्योंकि समसमाियक व्यवस्था के साथ लोगों के अपने हित जुड़ जाते हैं। लेकिन श्री मोदी ने इस व्यवस्थागत परिवर्तन का न केवल बीड़ा उठाया है बल्कि कई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर इसकी साहसिक शुरूआत भी की है। मसलन राजपत्रित अधिकारियों से अपने प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर करवाकर उन्हें वैध ठहराने की जरूरत नहीं है। सोचिए दूर दराज के गांवों में बसे लाखों भारतीयों के लिए ये कितनी बड़ी राहत है जिनकी पहुंच गांव के पटवारी तक आसानी से नहीं हो पाती है। इसी प्रकार पुराने और उपयोगहीन हो चुके कानूनों से मुक्ति का सबल प्रयास आरंभ हुआ है। उच्च स्तर पर न्यायिक नियुक्तियों को संतुलित व पारदर्शी करने का प्रयास भी आमूल चूल परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। क्या कोई सोच सकता था कि कुख्यात हो चुकी भारतीय नौकरशाही की कार्यशैली में इतना बदलाव कोई सरकार कभी ला पाएगी, कार्यालयों में सभी अधिकारी सुबह से काम में लग जाते हैं, देर रात तक सरकारी कार्यालयों की बत्तियां अब जलते हुए दिख जाती हैं । मंत्रिपरिषद के सदस्य जी जान से योजनाओं के समय पर क्रियान्यवयन में जुटे हुए हैं। एक दिन में रिकार्ड 1.5 करोड़ बैंक खाते खुलावाकर इतने सारे परिवारों को एक दिन में वित्तीय समावेश का लाभ देना अपने आप में यह दर्शाता है कि ‘यस, वी कैन’, हम चाहें तो कुछ भी कर सकते हैं।

मेरा मानना है कि इन 100 दिनों की यह सबसे बड़ी उपलब्धि है कि हमारे महान देश के आम आदमी का आत्मविश्वास लौट आया है। इस आत्मविश्वास की कमी ने हमारी छवि एक निरीह देश की बना दी थी। लेकिन आज हम फिर से महसूस कर पा रहे हैं कि हम शौर्य, पराक्रम और कर्तव्यनिष्ठा से एक नए भारत का निर्माण करेंगे और विश्व भर में भारत की कीर्ति गुंजायमान होगी। इस उत्कृष्ट भावना को इतने व्यापक स्तर पर जाग्रत करने का काम श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस सरकार ने किया है। इसके लिए उन्हें कोटि कोटि धन्यवाद।

Comments   

 
0 #2 Sunil Jain 2014-09-25 17:40
You are so right. Modi Ji's government is bringing what we have been waiting for since Independence.

I was disillusioned by AAP for sometime but outstanding progress made by BJP under Modi ji's governance is unbelievable. This is what we need.

I used to dream about some things which are actually happening now.

We need this ram rajya for a sustained period to regain the glory of India.

At the same time, we need to be careful and watchful of the elements which are out there to disrupt this progress.

I hope that progress made by Modi Ji's Government is appreciated by everyone and everyone agree that we need to continue this for a long time to bring India back to its' golden days.
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+1 #1 Chandra Mohan 2014-09-03 14:46
Well said. This is the excellent explanation of 100 Days Govt rule.
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