सरकार की प्रभावी नीतियों से मिला भारतीय अर्थव्यवस्था को नया जीवन

Sudhanshu Mittalमई 2014 में अभूतपूर्व जनादेश के साथ केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा नीत एनडीए सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो अथक प्रयास किए हैं उनका फल सामने आ रहा है। यूपीए के दस साल के शासनकाल में मरणासन्न हो चुकी अर्थव्यवस्था को इतने कम समय में ही श्री मोदी और उनकी टीम ने एक सुनियोजित ढंग से जिस प्रकार जीवंत किया है वह अपने आप में एक उदाहरण है।

पिछले छः महीने के मोदी सरकार के कार्यकाल में सेंसेक्स के स्तर में लगभग 18 प्रतिशत का उछाल आया है। मंहगाई की बात करें तो यह इस समय पिछले दो साल के अब तक के न्यूनतम स्तर पर है। निवेशकों का भारत पर भरोसा बढ़ रहा है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की दर में यूपीए के शासन काल की तुलना में ढाई से तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल मई से सितंबर तक हर महीने लगभग साढ़े तीन अरब डाॅलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भारत में आया है। क्रेडिट रेटिंग के मामले में भी भारत की साख मजबूत हुई है। जब एनडीए की सरकार ने सत्ता संभाली थी तो उससे पूर्व स्टैंडर्ड एंड पुअर जैसी अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी ने हमे नकारात्मक रेटिंग दी थी, अब इसी एजेंसी ने इस रेटिंग को सुधारा है। यूपीए के समय हमारी जीडीपी विकास दर पांच फीसदी से नीचे चली गई थी लेकिन इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में मोदी सरकार के प्रयासों के कारण जीडीपी विकास दर में सुधार शुरू हुआ और यह 5.7 प्रतिशत पर पहुंच गई।

अगस्त 2014 से लेकर अब तक सात बार पेट्रोल की कीमतें कम की गईं हैं, पिछले एक महीने में तीन बार डीजल की कीमतों में कटौती की जा चुकी है। रसोई गैस के सिलेंडर की कीमत में हाल ही में सीधे 113 रुपए की भारी कटौती की गई है। रसोई गैस की कीमत अब पिछले तीन साल में न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुकी है। स्टील, बिजली, कोयला, रिफाइनरी उत्पाद सहित आठ प्रमुख औद्योगिक सेक्टरों में विकास दर अक्टूबर में बढ़कर 6.3 प्रतिशत हो गई है।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में एक सकारात्मक बदलाव आरंभ हो चुका है। यह साफ है कि मौजूदा सरकार की नीतियों और नीयत में पूरा सामंजस्य है जिसके कारण ही इतने कम समय में इतना बड़ा परिवर्तन संभव हो पाया है।

Add comment


Security code
Refresh